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斗鱼

भारत के इस मंदिर में विराजमान हैं दाईं सूंड वाले गणेश जी, चमत्कार सुनकर दूर-दूर से आते हैं भक्त_我的网站

落日余晖

一 |     लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही मुंबई शहर का माहौल देखने लायक होता है। ये पूरा शहर और भी ज्यादा भक्ति से भर जाता है। इस मौके पर लाेग अपने घरों में बप्पा के मूर्ति की स्थापना करते हैं। इसी आस्था के बीच एक ऐसा स्थान है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बप्पा का आशीर्वाद पाते हैं। ये जगह है मुंबई का फेमस सिद्धिविनायक मंदिर। ये मंदिर अपने आप में एक खास पहचान रखता है। आइए मंदिर से जुड़ी बातों को जानते हैं विस्तार से -,भगवान गणेश, जिन्हें सिद्धिविनायक भी कहा जाता है, विघ्नहर्ता और सफलता देने वाले माने जाते हैं। नए काम की शुरुआत हो, जीवन में कोई भी कठिनाइयां हों या फिर ज्ञान और बुद्धि की कामना हो, हर भक्त यहां आकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। यहां आकर जो भी सच्चे मन से अपनी कोई भी इच्छा बप्पा के सामने रखता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।,आपको बता दें कि सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में लक्स्मण विठू पाटिल और उनकी पत्नी देउबाई पाटिल ने कराया था। समय के साथ इसमें कई बार बदलाव हुए। आज ये एक भव्य मंदिर के रूप में सामने है। मंदिर की दीवारों, शिखरों और खंभों पर की गई सुंदर नक्काशी इसे और भी दिव्य बना देती है।, Image Credit- Freepik सिद्धिविनायक मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो हम शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की एक अलग ही दुनिया में आ गए हों। यहां भगवान गणेश जी मुख्य देवता के रूप में विराजमान हैं। प्रतिमा के चारों ओर फूलों, मालाओं और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद से सजावट की जाती है। श्री सिद्धिविनायक की मूर्ति एक ही काले पत्थर से बड़ी बारीकी से बनाई गई है। इसकी ऊंचाई करीब ढाई फीट और चौड़ाई दो फीट है।,वहीं गणेश जी की सूंड दाहिनी ओर मुड़ी हुई है, जो बहुत दुर्लभ मानी जाती है। इस प्रतिमा के चार हाथ हैं। ऊपरी दाहिने हाथ में कमल, ऊपरी बाएं हाथ में परशु (कुल्हाड़ी), निचले दाहिने हाथ में जपमाला और निचले बाएं हाथ में मोदक से भरा कटोरा है। ये सभी चीजें शुभता और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती हैं।,प्रतिमा पर एक खास चीज और देखने को मिलती है और वो है एक सर्प पवित्र जनेऊ की तरह बाएं कंधे से दाहिनी ओर पेट तक लिपटा हुआ है। ये मूर्ति की आध्यात्मिकता और आकर्षण को और बढ़ा देता है। इसके अलावा माथे पर तीसरी आंख की तरह एक दिव्य नेत्र बना है। जो महादेव का प्रतीक माना जाता है।, Image Credit- Instagram गणेश जी के दोनों ओर रिद्धि और सिद्धि देवी भी विराजमान हैं, जिन्हें समृद्धि और सफलता की प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस मंदिर को सिद्धिविनायक गणपति मंदिर कहा जाता है। यहां आकर कई भक्तों ने अपने जीवन में चमत्कारिक अनुभव भी शेयर किए हैं। हर दिन मंदिर में मंत्रोच्चारण और अगरबत्ती की खुशबू वातावरण को और भी पावन बना देती है।,

समाजसेवा में योगदान

ये मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि समाज सेवा का केंद्र भी है। यहां से शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और ठहरने जैसी सुविधाएं जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाती हैं।

दर्शन और आरती का समय

मंदिर में रोजाना अलग-अलग समय पर आरती और दर्शन होते हैं। उनके बारे में भी जानें-
  • काकड़ आरती (सुबह की आरती): सुबह 5.30 बजे से 6.00 बजे तक
  • दैनिक दर्शन: सुबह 6.00 बजे से दोपहर 12.00 बजे तक और दोपहर 12.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक
  • धूप आरती: शाम 7.00 बजे
  • रात की आरती: 7.30 बजे से 8.00 बजे तक
  • शेज आरती (अंतिम आरती): रात 9.50 बजे
मंगलवार को यहां सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। खास मौकों जैसे विनायक चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, माघी गणेश जयंती और भाद्रपद गणेश चतुर्थी पर तो यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।,सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के प्रभादेवी इलाके में है। आप यहां एऐसे पहुंच सकते हैं-
  • रेल से: दादर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक है, जहां से मंदिर सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर है। आप पैदल जा सकते हैं या टैक्सी/ऑटो ले सकते हैं।
  • बस से: बसें भी दादर और प्रभादेवी के लिए आसानी से मिल जाती हैं।
  • एंट्री गेट: मंदिर में दो गेट हैं सिद्धि गेट (फ्री एंट्री, भीड़ ज्यादा) और रिद्धि गेट (पेड एंट्री, लाइन छोटी)। बड़े-बुजुर्ग लोगों, दिव्यांगजनों, एनआरआई और प्रेग्नेंट महिलाओं या शिशु वाली माताओं के लिए यहां पर खास व्यवस्था है।
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  • https://www.incredibleindia.gov.in/en/maharashtra/mumbai/siddhivinayak-temple
  • https://www.siddhivinayak.org/temple-schedule/
  • https://www.siddhivinayak.org/about-the-temple/
。    才感晚秋          忽而已冬          人间慢慢变凉,浪漫地久天长          收藏了秋日的浪漫          为你编织一个温暖的冬天          用爱与真心炖煮          温暖每一天          12月有哪些考试?          有哪些节日、纪念日          一起来看          01          十二月考试日历          02          十二月节日、纪念日          12月1日          世界艾滋病日          世界卫生组织于1988年将每年的12月1日定为世界艾滋病日,号召世界各国和国际组织在这一天举办相关活动,宣传和普及预防艾滋病的知识。世界艾滋病日的标志是红丝带,象征着大众对艾滋病病毒感染者和艾滋病病人的关心与支持。

二 |          12月2日          全国交通安全日          2012年11月18日,国务院正式批复同意公安部报送的《关于将12月2日设立为“全国交通安全日”的请示》,将每年的12月2日设立为“全国交通安全日”,旨在维护广大人民群众出行安全,增强交通安全文明意识,推动社会和谐发展,加强社会公德建设。

三 |          12月4日          国家宪法日          国家宪法日是为了增强全社会的宪法意识,弘扬宪法精神,加强宪法实施,全面推进依法治国而设立的节日。         宪法是一个国家的根本法,是治国安邦的总章程,是党和人民意志的集中体现。2014年11月1日,十二届全国人大常委会第十一次会议通过表决,决定将12月4日设立为“国家宪法日”。         12月5日           国际志愿者日          1985年12月17日,第四十届联合国大会通过决议,从1986年起,每年的12月5日为“国际促进经济和社会发展志愿人员日”。其目的是敦促各国政府通过庆祝活动唤起更多的人以志愿者的身份从事社会发展和经济建设事业。

四 |          12月10日          世界人权日          12月10日为世界人权日,为纪念1948年12月10日联合国大会通过《世界人权宣言》而设立的纪念日。                   世界人权日提醒人类,现时在人类的社区及全世界,还有持续的人权问题。要让人权在全世界得以落实推行,还有赖全人类的努力。                   12月13日          南京大屠杀死难者公祭日          南京大屠杀死难者国家公祭日是中国政府设立的,以国家公祭的方式,为了祭奠在南京大屠杀中死亡的30多万同胞。

五 |          2014年2月27日,十二届全国人大常委会第七次会议通过决定,以立法形式将12月13日设立为南京大屠杀死难者国家公祭日。

六 | 决议的通过,使得对南京大屠杀遇难者的纪念上升为国家层面,表明了中国人民反对侵略战争、捍卫人类尊严、维护世界和平的坚定立场。         12月20日          澳门回归纪念日          澳门回归日也称澳门回归节。1999年12月20日零时,中葡两国政府在澳门文化中心举行政权交接仪式,中国政府对澳门恢复行使主权,澳门回归祖国。这是继1997年7月1日香港回归祖国之后,中华民族在实现祖国统一大业中的又一盛事。以后每年12月20日澳门都举行纪念活动,逢5周年也是新任特首宣誓就职的日子。         03          12月天津教育          这些学生转学即将截止                    根据《市招委关于印发天津市初中学业水平考试体育与健康科目补充方案的通知》,对于持有本市户口,学籍不在天津,要求回津参加2024年高级中等学校招生考试的学生,实行过渡政策,在高级中等学校招生考试报名结束前安排一次转学,转学时间截止到2023年12月30日。         勇敢地和过去告别,          迎接新的开始,          让过去的过去,          让未来到来。         2023年的最后1个月,          愿你喜乐常在,          不留遗憾!。

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Published on:02:31:42


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